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जागतिक शिक्षक दिनाचे महत्त्व

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*युवकांनो थांबा, वय वाढले,लग्न होत नाही,म्हनुण नैराश्येकडे न‌ जाता,चुकीचा निर्णय घेऊ नका*

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 *युवकांनो थांबा, वय वाढले,लग्न होत नाही,म्हनुण   नैराश्येकडे न‌ जाता,चुकीचा निर्णय घेऊ नका* ================== सौजन्य : *राम आखरे नागपूर* मित्रांनो ज्या समाजा मध्ये तरूण  युवक शिक्षित तो समाज शिक्षित, ज्या समाजात जास्त प्रमाणात तरूण युवक उद्योजक तो समाज  आर्थिक सक्षम, आणि म्हणूनच समाजातील तरुणांनी विशेष करून ग्रामीण भागातील तरुण युवकांनी गरजे नुसार आवश्यक ते शिक्षण हे तर पुर्ण केलेच पाहिजे, परंतु नुसते शिक्षण घेऊन आणि डीग्री प्राप्त करून काही उपयोग नाही.जिवणात वेळेत प्रगती करायची असल्यास एक तर‌ आपल्या शिक्षणाच्या जोरावर एखादी चांगली नौकरी मिळविण्यासाठी सातत्याने प्रयत्न आणि  चिकाटी असावी लागतेच. समजा नौकरीचे जमतच नाही.अशी परिस्थिती निर्माण झाल्यास,तर सोडुन द्या नोकरीचा नाद, पुन्हा आपल्या जिवणातील वेळ आणि संधी वाया न घालवता, आपल्या शक्ती आणि युक्ती प्रमाणे  आपल्या जवळ आहे त्या आर्थिक बजेट मध्ये एखादा छोटा मोठा धंदा, व्यवसायाला सुरुवात करावी. परंतु धदा व्यवसायासाठी सर्व प्रथम आवश्यकता आहे  ती आपल्या मनाची माणसिकता , चिकाटी,परिश्रम, सातत्य, थोडीफार ...

*एक अनोखा मालिक*

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* एक अनोखा मालिक * जाकिर हुसैन के घर पर एक अधेड़ उम्र का नौकर था। वह रोज देर से सोकर उठता था। उसकी इस आदत से घर वाले उससे परेशान थे। उन्होंने उस नौकर की शिकायत जाकिर हुसैन साहब से कर दी और उसे निकाल बाहर करने को कहा। इसके जवाब में जाकिर साहब ने केवल यही कहा-'उसे समझाओ।' सबने उसे समझाया, पर इसके बावजूद उस पर कोई असर न हुआ। 'अब आप ही समझाकर देखिए उस नौकर को!' घरवालों ने जाकिर साहब से निवेदन किया।  अगले दिन सवेरे जाकिर साहब उठे। एक लोटा पानी भरकर उस नौकर के सिर के पास जाकर खड़े हो गए। नौकर अभी तक गहरी नींद में ही था। वे उसे धीरे से उठाते हुए बोले-'उठिए मालिक! जागिए! सवेरा हो गया। मुंह हाथ धो लीजिए। मैं अभी आपके लिए चाय और स्नान के पानी का इंतजाम करता हूं।' इतना कहकर वे चले गए। इधर नौकर परेशान कि ये हो क्या रहा है, कहीं मैं सपना तो नहीं देख रहा हूं। वह अभी बैठा-बैठा यह सोच ही रहा था, तभी जाकिर साहब चाय लेकर आते दिखाई दिए।  वे आकर बोले-'मालिक, लीजिए चाय पीकर स्नान करने चलिए।' नौकर बहुत घबराया। क्षमा मांगते हुए बोला-'हुजूर! आज के बाद से मेरे देर तक सोकर उठ...

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, चेक करें बेनेफिट्स

  Sovereign Gold Bond Scheme 2023-24: नए साल में इस तारीख से शुरू होगी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, चेक करें बेनेफिट्स Sovereign Gold Bond Scheme 2023-24: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2023-24 (Gold Sovereign Scheme) स्कीम के जरिये सरकार मार्केट रेट से कम दाम में गोल्ड बेचती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2023-24 की अगली सीरिज 12 फरवरी 2024 को शुरू होगी और 16 फरवरी को बंद हो जाएगी

राजू की समझदारी

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  राजू की समझदारी राजू एक छोटे से गाँव का रहने वाला लड़का था। उसके पास बहुत सारे सपने थे, और उसे जाना था कि उसे उन्हें पूरा करने के लिए किसी भी मुश्किल का सामना करना होगा। एक दिन, गाँव में एक समस्या उत्पन्न हो गई। लोग उस समस्या का हल नहीं निकाल पा रहे थे। राजू ने समझा कि उसका समझदारी और नए दृष्टिकोण से यह समस्या हल हो सकती है। उसने लोगों को मिलकर एक बैठक बुलाई और उनसे उनकी राय सुनी। उसने सुना कि समस्या का हल किसी ने निकाला था, लेकिन उसमें सबका सहमति नहीं था। राजू ने समस्या को अच्छे से समझा और एक समीक्षा करने का प्रस्ताव रखा। उसका प्रस्ताव सभी को पसंद आया और समस्या का समाधान बन गया। लोग राजू की समझदारी को सराहनीय माने और उसे सम्मानित किया। इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि समस्याओं का सामना करने के लिए हमें नए दृष्टिकोण और समझदारी की आवश्यकता है। राजू ने यह सिद्ध किया कि वह अपनी समझदारी का उपयोग करके समस्याओं का समाधान कर सकता है और उसने अपनी समझदारी से समस्या को हल किया।**

अपनी किस्मत बदलने का संघर्ष

  अपनी किस्मत बदलने का संघर्ष एक समय की बात है, गाँव में एक गरीब लड़का नामक राजू रहता था। राजू का सपना था कि वह एक दिन बड़ा आदमी बनेगा और अपने माता-पिता को गर्वित महसूस कराएगा। लेकिन राजू के पास न कोई पढ़ाई का साधन था, और न ही उसके परिवार के पास कोई धन। फिर भी, उसने हार नहीं मानी और मेहनत करना शुरू किया। राजू ने गाँव के एक धनिक व्यापारी से अपनी मदद करने की कोशिश की। वह उसे रोजगार देने के लिए आगे बढ़ा, और व्यापारी ने उसे एक छोटे से काम का अवसर दिया। राजू ने अपने काम में ईमानदारी और लगन से काम किया। उसकी मेहनत और समर्पण ने उसे सफलता दिलाई। उसने खुद को सिखाया कि मेहनत, आत्मविश्वास, और सही मार्गदर्शन से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। धीरे-धीरे, राजू ने अपना खुद का व्यापार शुरू किया और उसने बड़ी सफलता हासिल की। वह न केवल अपने परिवार की मदद कर सकता था, बल्कि उसने गाँव के और गरीबों के लिए भी कई योजनाएं चलाईं। इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि सफलता प्राप्त करने के लिए होनहारी मेहनत, संघर्ष, और सही मार्गदर्शन का महत्व है। हर किसी को समर्थन की आवश्यकता होती है, लेकिन सच्ची म...